सलातो सलाम पड़ना कैसा है 1⃣6⃣
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*🥀 सलातो सलाम पड़ना कैसा है 🥀*
*💓 पोस्ट 16*
✏️ *महरे चर्खे नुबूवत पे रौशन दुरूद*
*गुले बाग़े रिसालत पे लाखों सलाम*
महर = सूरज, चर्ख = आसमान, गुल = फूल, रिसालत = पैग़म्बरी
मतलब ये कि आपकी ज़ाते अक़दस आसमाने नुबूवत का ऐसा चमकता हुआ सूरज है कि उसके निकलने के बाद बाग़े रिसालत में किसी और फूल के खिलने की गुंजाईश न रही
*महरे चर्खे नुबूवत* अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के औसाफ बयान करते हुए फरमाता है कि
*कंज़ुल ईमान* ऐ ग़ैब की खबरें बताने वाले बेशक हमने तुम्हे भेजा हाज़िर व नाज़िर और खुशखबरी देता और डर सुनाता और अल्लाह की तरफ से उसके हुक्म से बुलाता और चमका देने वाला आफताब
*📚 पारा ,सूराह अहज़ाब,आयत 45-46*
*अगली पोस्ट जल्द......*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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