सलातो सलाम पड़ना कैसा है1⃣1⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



*🥀 सलातो सलाम पड़ना कैसा है 🥀*



*💓 पोस्ट 11*

✏️ फिर दाग़ देहलवी हुज़ूर हुज्जतुल इस्लाम से कहते हैं कि अब जब आपके अब्बा हुज़ूर कोई कलाम लिखें तो मुझे ज़रूर दिखायें और मेरे आलाहज़रत तो फिर आलाहज़रत ठहरे आपको ज़रूर ज़रूर इस बात का इल्म अल्लाह ने करा दिया होगा जब ही तो उसके बाद आपने एक कलाम लिखा
*उनकी महक ने दिल के गुन्चे खिला दिए हैं*
*जिस राह चल गए हैं कूचे बसा दिए हैं*
            
सरकारे आलाहज़रत ने कलाम तो पूरा लिखा मगर मक़्तअ यानि जिसमें शायर का तखल्लुस इस्तेमाल होता है वो छोड़ दिया हुज़ूर हुज्जतुल इस्लाम उसी हालत में वो कलाम लेकर दाग़ देहलवी के पास पहुंचे और आपको दिखाया उन्होंने पूरा कलाम पढ़ा और बे इख़्तियार होकर कहते हैं कि इसका मक़्तअ मैं लिखे देता हूं और लिखते हैं
*मुल्के सुखन की शाही तुमको रज़ा मुसल्लम*
*जिस सिम्त आ गए हो सिक्के बिठा दिए हैं*
            
मुल्क मायने जहान दुनिया सुखन मायने शेरो शायरी की दुनिया शाही मायने बादशाहत मुसल्लम मायने उसके क़ाबिल होना और दूसरे मिसरे में तो दाग़ देहलवी ने सब कुछ कह डाला कि आलाहज़रत जिस मैदान में भी क़दम रखते वो पूरा मैदान आलाहज़रात का हो जाता
*वादी रज़ा की कोह हिमाला रज़ा का है*
*जिस सिम्त देखिये वो इलाका रज़ा का है*
*अगलों ने तो लिखा है बहुत इल्म पर मगर*
*जो कुछ है इस सदी में वो तन्हा रज़ा का है*

*अगली पोस्ट जल्द......*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सलातो सलाम पड़ना कैसा है 3⃣

सलातो सलाम पड़ना कैसा है2⃣2⃣

Kya Huzoor ﷺ Door Se Salam Sunte Hai Our Jawab Bhi Dete Hai*